जामिया में ABVP कार्यक्रम पर बवाल, पाकिस्तान टिप्पणी पर NSUI का बड़ा हमला

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने अपनी 100वीं वर्षगांठ के अवसर पर दिल्ली के जामिया मिल्लिया इस्लामिया में ‘युवा कुंभ’ नाम से एक कार्यक्रम आयोजित किया। यह आयोजन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़ा बताया जा रहा है, जिसे लेकर विश्वविद्यालय परिसर में तीखा विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। छात्रों और विभिन्न संगठनों ने इस कार्यक्रम पर आपत्ति जताते हुए इसे विवादित करार दिया। मामले ने देखते ही देखते राजनीतिक रंग ले लिया और राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया।
पाकिस्तान की टिप्पणी पर NSUI ने जताई कड़ी आपत्ति
इस पूरे विवाद पर पाकिस्तान की ओर से भी प्रतिक्रिया सामने आने के बाद मामला और गरमा गया। कांग्रेस की छात्र इकाई नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) ने पाकिस्तान के बयान की कड़ी निंदा की है। NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने इसे भारत के आंतरिक मामलों में सीधा हस्तक्षेप बताया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान द्वारा की गई टिप्पणी न केवल गैर-जिम्मेदाराना है, बल्कि अवसरवादी भी है, जिसका उद्देश्य केवल विवाद को हवा देना है।

जामिया को लोकतांत्रिक पहचान का हिस्सा बताया
विनोद जाखड़ ने कहा कि जामिया मिल्लिया इस्लामिया भारत के लोकतांत्रिक और संवैधानिक ढांचे का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि विश्वविद्यालय परिसरों में होने वाली बहस, विचार-विमर्श और विरोध पूरी तरह से देश के आंतरिक विषय हैं, जिनमें किसी भी बाहरी देश की दखलअंदाजी स्वीकार नहीं की जा सकती। NSUI अध्यक्ष ने पाकिस्तान पर आरोप लगाया कि वह छात्र मुद्दों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर उठाकर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रहा है।
भारत की संप्रभुता पर समझौता नहीं, पाकिस्तान को दी नसीहत
NSUI अध्यक्ष ने कहा कि भारत एक संप्रभु राष्ट्र है और अपने संस्थानों एवं जनता के माध्यम से अपने सभी मुद्दों को सुलझाने में पूरी तरह सक्षम है। उन्होंने कहा कि भारत को किसी भी बाहरी सलाह या हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं है। साथ ही उन्होंने पाकिस्तान को नसीहत दी कि भारत के मामलों पर टिप्पणी करने से पहले उसे अपने देश की स्थिति पर ध्यान देना चाहिए। जाखड़ ने यह भी स्पष्ट किया कि भारत अपनी संप्रभुता और छात्रों की आवाज पर किसी भी बाहरी एजेंडे का प्रभाव नहीं पड़ने देगा।